"सफेद"..... मेरे लिऐ- तुम सबसे अच्छे.... भड़किले,सजीले रंगो की भीड़ में- तुम सबसे सच्चे.... आप बेरंग बन,रंगो को खूब मान दिया, ताप,त्याग सा- अपने लिऐ...अपसगुणी का अपमान लिया.... मैंने माना... तुम में है,सहज-सरल प्रेम सी कांति.. तुम्हारे आलिंगन मात्र में मिले- मेरे अस्थिर मन को अद्भूत शांति... प्रियंका सिंह