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#बेड़ीयॉ

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#रंग_सफेद

"सफेद"..... मेरे लिऐ- तुम सबसे अच्छे.... भड़किले,सजीले रंगो की भीड़ में- तुम सबसे सच्चे.... आप बेरंग बन,रंगो को खूब मान दिया, ताप,त्याग सा- अपने लिऐ...अपसगुणी का अपमान लिया.... मैंने माना... तुम में है,सहज-सरल प्रेम सी कांति.. तुम्हारे आलिंगन मात्र में मिले- मेरे अस्थिर मन को अद्भूत शांति...                                              प्रियंका सिंह

#_मैं_

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#मन_से_मन_की_बातें

#मन_से_मन_की_बातें किताबी बाते करना,यारों बंद करो.. पाण्डित्य प्रदर्शण के सुरों को, अब तुम मंद करों... आओ चलो.. कुछ नासमझों सी बातें कर लें... कुछ तुम मासूम मन की कह दो, कुछ हम मन सें मन की बातें सुन लें....                                    © प्रियंका सिंह

#एक_दिन_का_सम्मान_महिला_दिवस

#एक_दिन_का_सम्मान अरे ओ ...महिला मंडलि... ले ली बधाईयॉ, हो ली खुश.. जो अगर बाकी हो तो, जल्द समेट लो- "एक दिन का सम्मान" कल होते ही तेरे तोंते उड़ेंगे, तेरी इच्छाओ की पुकार सुन- लोग क्या.....  मच्छर मक्खी भी ना मुड़ेंगे चल जल्दी समेट आज झुठे दिलासाओं की दुकान.... कल फिर तेरे अस्तित्व की सच्चाई- घर के कोने में पड़ी चलती,फिरती,कभी खड़ी जैसे हो बेमोल सा कोई पुराना सामान...... ©प्रियंका सिंह

#उस_खाली_कोने_मेंं

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#लूटेरे_विज्ञापन

विज्ञापन हमें लूट रहा हैं.. चका-चौंध की ओखल में, लूभावनी मूसड़ से कूट रहा हैं.. झोंक रहीं जनता भी इसमें अपनी कमाई... ठांट-बांट से लदे बिछौने पर, बेचारों ने अपनी नींद गवांई... ©प्रियंका सिंह