है खुदा


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212  212    212    212

तू रहे साथ तो मन हरा है ख़ुदा
तू करे वास तो घर भरा है खुदा

भूल से जो करू गलतियां तो सुनो
देख मेरी अरज     रोकता है खुदा

अंधियारे महज ज़िंदगी में  सुनो
तू रहे पास तो बल ज़रा है ख़ुदा

जो परूँ संकटों में कभी   तू जरा
हाथ देना यहीं इक दुआ है ख़ुदा

हर गुलों की महक में बसे हो सुनो
साथ तेरा    हमेशा    रहा है ख़ुदा

हैं बनाया जहां को अनोखा सही
मन न हारे कभी ये पता है ख़ुदा

तू हमारा खिवैया  -  सहारा यहाँ
गर नहीं तू नहीं कुछ बचा है ख़ुदा

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