कविता(जीवन एक सफर है प्यारे)

#दिनांक21/8/17

#छंदमुक्त

            #सफर

क्यों भटके दरबदर तू प्यारे
जीवन एक  सफर है प्यारे
तू राही बन -
फिर सड़क है आगे
बढ़ हिम्मत की-
तड़क तू दागे...
हर कदमों के निशां - निडर
हो मुकम्मल राहें
सफल,सशक्त लक्ष्य जिधर
याद रहे...
दुर्बलता की निशानी,
थकान से निकली आह है
तू रुक नहीं,
तू झुक नहीं,
जो कहीं हारे तन मन
थम जरा,
साँस ले
क्यों आप हौशले की-
मरोड़ता बाँह है
याद रहे...
हौशले आबाद रहें ,क्योंकि-
जहाँ चाह है,वहाँ राह है
सुन जीवन एक सफर है प्यारे
मुख मुस्कान लिए यूँ ही-
बढ़ता जा निडर तू प्यारे

#प्रियंका_सिंह

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