#देख लो आज फिर (ग़ज़ल)

#दिनांक-3/10/17

#ग़ज़ल

#रदीफ़- आज फिर

212    212    212    212

देख  लो   छा रही है   घटा  आज फिर
झूम कर  बह रही है  हवा   आज  फिर

सामने  देख  तुमको   खिली  हर  कली
दिल  सुनो  बांवरा हो  उठा  आज फिर

देखता   जो  रहूँ    चाँद  सा    हुस्न   मैं
जल उठा हाय मन का शमा आज  फिर

उम्र भर   के  लिए   पास   रहना   सदा
सच   कुबूली   गई है  दुआ  आज फिर

प्रेम  में  है   पड़ा   देख  'प्रिय'  जान  यूँ
हुक्म दो बस  निभाऊं वफ़ा  आज फिर

#प्रियंका_सिंह

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