आशियाने के लिए

दिनांक - 15/7/17
विषय -#पंक्ति_आशियाने_के_लिये

मन में है इक सपना ख़ूबशूरत आशियाने के लिए
बेकल सी विरहन जीवन में ठहर ठिकाने के लिऐ

एक छोटा आँगन हो संग जिसमे सखि साजन हो
सारी दुनिया एक ओर   सब छोर भुलाने के लिए

एक हरी सी बगियां हो वहाँ भरी खिली कलियां हो
जो रूठे पिया कभी सुन सखि उन्हें रिझाने के लिए

छोटा सा फ़साना बने मेरे ख़्वाबो को ठिकाना मिले
दोनों हाथ भर खुशियाँ  सुन सखि   लुटाने के लिए

करूँ कभी नमन कभी करे ये "प्रिय" कर जोड़ वंदन
आदिशक्ति देवो की अनुकंपा स्व शीश पाने के लिए

#स्वरचित
#प्रियंका_सिंह

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