कविता(वेदना)

#दिनांक- 28/8/17

#वेदना

दिन दिन
बीता जाये रे
मोरा पिया नहीं
सखी आये रे
हिय मोरा नित
कठुआये रे
जाये नयन भी -
भरमाये रे
मन दुखड़ा
किसे सुनाये रे
विरह जल
गोते खाये रे
हाय दिन दिन
बीता जाये रे
मोरा पिया नहीं
सखी आये रे

#प्रियंका_सिंह

Comments

Popular posts from this blog

धर्म के नाम पर

#अपने_मुँह_मिया_मिट्ठू#हाइकू

#मनःस्थिति