मुक्तक(विभावरी चंदा) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps October 28, 2017 विधा -#मुक्तक दिनांक-13/7/17 🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵 विभावरी- चंदा- चांदनी मस्त बहार झूमती नदिया गुंजित जुगनू गुंजार चंचल सुमन दूब डालियाँ तारों संग झूले पर बैठी रागिनी बहे बयार 🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵 ✍स्वरचित #प्रियंका_सिंह Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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