ग़ज़ल(कहो जरा)

#दिनांक- 21/7/17

#काफ़िया -ओ
#रदीफ़ - ज़रा
#वज़्न

2122               1212

बात दिल की    कहो ज़रा
पास मेरे           रहो ज़रा

ख्वाब सारे       लिए खड़े
साथ मेरे          चलो ज़रा

राज़ मुझमे      छिपे नहीं
ये यक़ी तुम     करो ज़रा

सर झुकाए      खड़े यहीं
आरज़ू ये        रुको ज़रा

है दुआ ये       कहूँ तुझे
हमनवां तुम    मिलो ज़रा

✍स्वरचित
#प्रियंका_सिंह

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