#छंदमुक्त(हुंकार)

#छंदमुक्त

#हुंकार

जब शत्रुओं के शीश को
दिया धड़ से उतार
गूँजा नभ में बिगुल सा
विजय की हुंकार
दिया वीरता का परिचय
किया वार प्रति वार
रिस कर बहता रहा लहू
गोलियों की रुकी न धार
फहराया उच्च शीर्ष पर
राष्ट्रीय ध्वज सम्मान
हर एक अमर जवान बना
गौरवान्वित देशाभिमान
आज उन वीर शहीदों के
स्मृति चिन्ह भी फूँकते उनमे प्राण
संवेदनहीनता  संग लिए
दिखते जो निष्प्राण
गूँजे फिर से वो बिगुल भले
देशप्रेम की अलख जगाने को
स्मृति स्थल - अमर ज्योत जले

#प्रियंका_सिंह

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